• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Panchayat Reporter News Web Portal
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल
No Result
View All Result
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल
No Result
View All Result
Panchayat Reporter News Web Portal
No Result
View All Result
Home Uttarakhand

भूस्खलन से दो दिन पहले मिलेगी चेतावनी, यहां लगाया गया है लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम

Panchayat Reporter by Panchayat Reporter
December 12, 2023
in Uttarakhand, देश
0
भूस्खलन से दो दिन पहले मिलेगी चेतावनी, यहां लगाया गया है लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम
0
SHARES
13
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

आने वाले समय में मौसम के पूर्वानुमान की तरह भूस्खलन की भी दो से तीन दिन पहले चेतावनी जारी की जा सकेगी। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) नेशनल लैंडस्लाइड डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत देश के सर्वाधिक भूस्खलन प्रभावित 11 राज्यों में लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की दिशा में काम कर रहा है। यह काम वर्ष 2027 तक पूरा हो जाएगा।

रुद्रप्रयाग में लगाया गया अर्ली वार्निंग सस्टम

प्रायोगिक तौर पर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले सहित देश के अन्य राज्यों के चार जिलों में यह सिस्टम लगाया गया है, जिससे प्राप्त आंकड़ों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। भूस्खलन की संवेदनशीलता के लिहाज से देश में अरुणाचल और हिमाचल प्रदेश के बाद उत्तराखंड तीसरे स्थान आता है।

15 हजार भूस्खलन क्षेत्र चिह्नित

जीएसआई ने नेशनल लैंडस्लाइड सेंसिबिलिटी मैपिंग प्रोग्राम के तहत यहां करीब 15 हजार भूस्खलन क्षेत्र चिह्नित किए हैं। भूस्खलन हर साल सैकड़ों लोगाें की जानें लेने के साथ विकास योजनाओं पर दुष्प्रभाव डालते हैं। चारधाम यात्रा सहित हमारी तमाम परियोजनाओं पर इसका असर पड़ता है। हर साल भूस्खलन क्षेत्रों के उपचार में करोड़ों रुपये भी खर्च हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय एजेंसी जीएसआई ने अब इसके खतरों से निपटने के लिए रीजनल लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। जीएसआई के उप महानिदेशक डॉ. हरीश बहुगुणा ने बताया कि रीजनल लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम को पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र को भी शामिल किया गया है।

देश के इन चार जिलों में लगाया गया सिस्टम

प्रयोग के तौर पर यह देश के जिलों में विकसित किया जा रहा है। इसमें उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले सहित नीलगिरि, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग शामिल हैं। हालांकि, यह अभी प्रायोगिक तौर पर है। इसमें नक्शों सहित डाटा प्राप्त होता है। संस्थान ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अपने उपकरण लगाए हैं। इन उपकरणों की सहायता से भूस्खलन की जानकारी दो से तीन दिन पहले मिल जाती है। अभी तहसील स्तर पर डाटा इकट्ठा किया जाता है, जिसे जिला प्रशासन को भेज दिया जाता है। फिलहाल यह डाटा जन समुदाय के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा 11 राज्यों उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाड़ू, हिमाचल प्रदेश, केरल, सिक्किम, असम, नागालैंड, मिजोरम, मेघालय और कर्नाटक में यह सिस्टम लगाया जाना है।

अर्ली वार्निंग सिस्टम का 2024-25 के बीच होगा रिव्यू
जीएसआई के उप महानिदेशक डॉ. हरीश बहुगुणा ने बताया कि हमारे हिमालयी राज्य भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं। हम रीजनल लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम का वर्ष 2024-25 के मध्य रिव्यू करेंगे। देखेंगे कैसे परिणाम मिल रहे हैं। इसके बाद परिणाम पब्लिक डोमेन में डालने शुरू करेंगे। किसी भी क्षेत्र विशेष में भूस्खलन की यदि पहले जानकारी मिल जाती है, तो यह बहुत सी जानें बचाने के साथ विकास की तमाम योजनाओं को प्रभावी बनाने में मददगार होगा।

 

Previous Post

श्रीनगर: रामलीला मैदान का होगा कायाकल्प, महापुरूषों की लगेगी मूर्मियां

Next Post

सीएम के सामने पीआरडी जवानों का हंगामा, शासन सख्त, विशेष सचिव ने बैठाई मामले की जांच

Panchayat Reporter

Panchayat Reporter

Related Posts

नई कैबिनेट का संदेश :धामी मजबूत ,लेकिन दिग्गज गए चूक

नई कैबिनेट का संदेश :धामी मजबूत ,लेकिन दिग्गज गए चूक

March 24, 2026
जिला सहकारी बैंकों में कोई गड़बड़ी नहीं अपर निबंधक ईरा उप्रेती

जिला सहकारी बैंकों में कोई गड़बड़ी नहीं अपर निबंधक ईरा उप्रेती

March 19, 2026
कैग रिपोर्ट ने खोली नमामि गंगे की पोल: उत्तराखंड में 21 STP बिना घर कनेक्शन, घाट श्मशान सूने, कचरा सीधा गंगा में

कैग रिपोर्ट ने खोली नमामि गंगे की पोल: उत्तराखंड में 21 STP बिना घर कनेक्शन, घाट श्मशान सूने, कचरा सीधा गंगा में

March 13, 2026
उत्तराखंड में तीन IPS अधिकारियों का जबरन डेप्यूटेशन ?  यस बॉस ना कहने की सजा ?

उत्तराखंड में तीन IPS अधिकारियों का जबरन डेप्यूटेशन ? यस बॉस ना कहने की सजा ?

March 8, 2026
पैनेसिया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 16 से 28 फरवरी तक निःशुल्क OPD सेवा

पैनेसिया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 16 से 28 फरवरी तक निःशुल्क OPD सेवा

February 15, 2026
सेलाकुई पुलिस की ‘पनीर’ कार्रवाई पड़ी भारी: आईजी के निर्देश पर SSI समेत 4 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

सेलाकुई पुलिस की ‘पनीर’ कार्रवाई पड़ी भारी: आईजी के निर्देश पर SSI समेत 4 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

February 12, 2026
Next Post
सीएम के सामने पीआरडी जवानों का हंगामा, शासन सख्त, विशेष सचिव ने बैठाई मामले की जांच

सीएम के सामने पीआरडी जवानों का हंगामा, शासन सख्त, विशेष सचिव ने बैठाई मामले की जांच

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook LinkedIn Twitter Youtube RSS
No Result
View All Result
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल

© 2022 Panchayat Reporter News Web Portal.