त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के तहत उत्तरकाशी जनपद के मोरी विकासखंड स्थित वार्ड संख्या 25 कोटगांव (जखोल) से जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी श्रीमती मीना देवी रावत ने अपने नामांकन पत्र को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निरस्त किए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा साजिशन उनके और उनके परिवार के नाम पंचायत निर्वाचक नामावली से हटाकर, फर्जी तरीके से नगर निकाय सूची में शामिल कर दिए गए, जिससे उनका नामांकन रद्द हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीना देवी ने दिनांक 5 जुलाई 2025 को अपना नामांकन पत्र क्रमांक 247 दाखिल किया था, जिसकी जांच 8 जुलाई को जिला पंचायत सभागार में की गई। रिटर्निंग ऑफिसर ने यह कहते हुए नामांकन निरस्त कर दिया कि उनका नाम पंचायत निर्वाचक नामावली 2025 की विलोपन सूची में अंकित था।
मीना देवी का कहना है कि उनके और उनके पति गंगा सिंह रावत के नाम नगर निकाय चुनाव की मतदाता सूची में गलत तरीके से शामिल किए गए। उनका दावा है कि वे और उनका परिवार ग्राम पंचायत जखोल में ही निवास करते हैं और संबंधित सभी दस्तावेज—राशन कार्ड, पहचान पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र आदि उनके पास उपलब्ध हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में बीएलओ द्वारा उनके परिवार के लिए ग्राम जखोल के आधार पर गणना कार्ड भी जारी किया गया था। इस संबंध में उनके पति द्वारा उपजिलाधिकारी, तहसीलदार मोरी और अन्य संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भी भेजे गए। बावजूद इसके, निर्वाचन प्रक्रिया में कोई सुधार नहीं किया गया।
मीना देवी रावत का आरोप है कि उन्होंने पिछले दो वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय प्रचार-प्रसार किया है, लेकिन राजनीतिक साजिश के तहत उनका नाम सूची से हटवाया गया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कोटगांव (जखोल) वार्ड में चुनाव निरस्त कर पुनः मतदान नहीं कराया गया, तो वे न्याय के लिए हाईकोर्ट का रुख करेंगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा जिलाधिकारी उत्तरकाशी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
प्रत्याशी का स्पष्ट कहना है कि:
“यदि मेरे साथ हुई इस अनियमितता को सुधारा नहीं गया और चुनाव पुनः नहीं कराए गए, तो मुझे न्याय के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।”
इस प्रकरण ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब देखना यह होगा कि आयोग और प्रशासन इस विषय पर क्या कदम उठाते हैं।








