• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Panchayat Reporter News Web Portal
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल
No Result
View All Result
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल
No Result
View All Result
Panchayat Reporter News Web Portal
No Result
View All Result
Home Uttarakhand

प्रमुख सचिव के पत्र से फट गया धाक्कड़ धामी का जीरो टॉलरेंस का ढोल

Panchayat Reporter by Panchayat Reporter
September 5, 2024
in Uttarakhand, राजनीति
0
प्रमुख सचिव के पत्र से फट गया धाक्कड़ धामी का जीरो टॉलरेंस का ढोल
0
SHARES
413
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

 

“हम किसी सामंतकाल में नहीं हैं, जैसा राजा बोले वैसा चले (यानी चीजें केवल राजा की इच्छाओं के अनुसार ही हों)। जब सभी अधीनस्थ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया, तो उन्होंने बस अनदेखा कर दिया “

ये तल्ख टिप्पणी है सुप्रीम कोर्ट की । और ये फटकार लगाई गई है सीधे उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को । जिसमें ये कहा गया है कि ये सामंतवादी युग नहीं है जहाँ जैसा राजा बोलेगा सब उसकी इच्छानुसार होगा ।

ये मामला है जिम कोर्बेट के पूर्व निदेशक आई एफ एस अफसर राहुल को, राजा जी नेशनल पार्क का निदेशक बनाए जाने का । 9 अगस्त को प्रदेश सरकार आई एफ एस अफसर राहुल को राजाजी नेशनल पार्क का निदेशक बनाने का आदेश जारी करती है। और इसके बाद नया विवाद शुरु हो जाता है ।
इस पूरे विवाद को समझने के लिए साल 2022 में चलना होगा । जहाँ कोर्बेट नेशनल पार्क की पाखरो रेंज में टाईगर सफारी योजना में घोटाले का मामला सामने आया था, जब उत्तराखंड की विजिलेंस ने हल्द्वानी सेक्टर में एक मुकदमा दर्ज किया। इस घोटाले में तत्कालीन कुछ अधिकारियों और तात्कालीन वन मंत्री हरक सिंह रावत को आरोपित किया गया, जिसमें कोर्बेट नेशनल पार्क के तात्कालीन निदेशक राहुल भी शामिल थे । उन पर कई गंभीर आरोप लगे । इस मामले की जांच कर रही कमेटी ने पाखरो रेंज में किए गए निर्णाण कार्यों में कई तरह की खामियाँ पाई । इसके साथ ही उन्हे वन अधिनियम 1980 के उल्लंघन का भी दोषी पाया गया । जिसके बाद उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हे निदेशक पद से हटा दिया गया । वहीं कोर्ट ने दोषी अधिकारियों पर जल्द से जल्द एक्शन लेने को कहा ।

 

लेकिन जीरो टॉलरेंस का ढोल बजाने वाली सरकार ने 9 अगस्त को दागी अफसर राहुल को राजाजी नेशनल पार्क का निदेशक बना दिया । इस पर तुर्रा तो ये है कि खुद विभाग के सचिव इस बाबत सरकार को चेताते रहे कि आई एफ एस अफसर राहुल के खिलाफ सी बी आई जांच चल रही है और उन्हे ये तैनाती नहीं दी जाकती है । लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने अफसरों की सलाह को दरकिनार करते हुए राहुल को निदेशक पद सौंप दिया । विभाग के प्रमुख सचिव आर के सुधांशु 19 जुलाई के अपने एक नोट के जरिए मुख्यमंत्री और वन मंत्री सुबोध उनियाल को चेताते रहे कि ये न्यायसंगत नहीं है । वो अपने इस नोट में लिखते हैं कि कोर्बेट के पाखरो रेंज में टाईगर सफारी की स्थापना के लिए अवैध तरह से पेडों को काटा गया है और अवैध निर्माण किया गया है । और इस मामले में तात्कालीन निदेशक राहुल पर सी बी आई जांच चल रही है ऐसे में राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक पद पर इनकी तैनाती पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए ।

 

लेकिन दागी अफसर राहुल से ना जाने ऐसा कौन सा याराना ,मंत्री और मुख्यमंत्री का था कि उन्होने किसी अफसर की नहीं सुनी । लेकिन सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी आने से ठीक एक दिन पहले 9 अगस्त को दिए अपने आदेश को खुद मुख्यमंत्री ने निरस्त करवा दिया । शायद उन्हें एहसास हो गया था कि मामला अब मैनेज नहीं किया जा सकता है ।

दरअसल किसी भी आई एफ एस का तबादला करने की एक प्रक्रिया है । जिसमें मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाला सिविल सर्विसेस बोर्ड बैठता है और वो प्रदेश के आई एफ एस अधिकारियों के तबादले और तैनाती पर निर्णय लेता है । 3 जुलाई 2024 को ये बैठक बुलाई गई जिसमें आई एफ एस अफसरों की तबादला लिस्ट पर मुहर लगी । जिसमें दागी अफसर राहुल का नाम नहीं था । लेकिन 18 जुलाई को एक नोट शीट में वन मंत्री सुबोध उनियाल लिखते हैं कि चूंकि साकेत बडोला को कोर्बेट टाईगर रिर्जव के निदेशक का पदभार दिया गया है ,इसलिए राहुल को राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक के पद पर तैनाती दी जाए । उनका ये नोट पूरी तरह से नियम विरुद्ध दिखाई देता है । क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के कई आदेशों में आई एफ एस अफसरों के तबादला प्रक्रिया को स्पष्ट किया हुआ है।

 


वन मंत्री के इस नोट के एक दिन बाद विभाग के प्रमुख सचिव आर के सुधांशु नोट लिख कर बताते है ऐसा करना ठीक नहीं है । इस पर पुर्नविचार किया जाए लेकिन वन मंत्री फाईल सीधे मुख्य़मंत्री के पास ले जाते हैं । और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस पर सारी आपत्तियों के बावजूद आदेश जारी कर देते हैं ।

एक दागी अफसर को पद पर बैठाने की क्या मजबूरी सी एम धामी की रही होगी समझ से परे है । लेकिन एक बात साफ है कि इस पूरे मामले में जीरो टॉलरेंस का जो ढोल धाक्कड़ धामी बजाते थे वो फट चुका है ।

Previous Post

सीएम धामी ने किया पुलिस मुख्यालय का औचक निरीक्षण, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त एक्शन के निर्देश

Next Post

बड़े स्तर पर IAS अफसरों का तबादला, देहरादून, हरिद्वार, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ के डीएम बदले गए

Panchayat Reporter

Panchayat Reporter

Related Posts

सीएम की सिफारिश पर सांसद का कब्जा? GMVN की सरकारी बिल्डिंग में तीन साल से ताला, ₹1 लाख का किराया घटाकर ₹30 हजार, निगम को नहीं मिला एक पैसा 

सीएम की सिफारिश पर सांसद का कब्जा? GMVN की सरकारी बिल्डिंग में तीन साल से ताला, ₹1 लाख का किराया घटाकर ₹30 हजार, निगम को नहीं मिला एक पैसा 

July 19, 2026
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर रोक से सियासत गरम, कांग्रेस ने उठाए लोकतंत्र पर सवाल

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर रोक से सियासत गरम, कांग्रेस ने उठाए लोकतंत्र पर सवाल

July 14, 2026
BKTC जांच रिपोर्ट लीक, हो गया बड़ा खुलासा ! अधूरी जांच में दोषियों का फैसला कैसे?

BKTC जांच रिपोर्ट लीक, हो गया बड़ा खुलासा ! अधूरी जांच में दोषियों का फैसला कैसे?

July 12, 2026
Chardham Yatra 2024: बाबा केदार के धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब, श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख पर

EXclusive -केदारनाथ VIP खर्च मामला: शासन की जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि, BKTC के तीन तत्कालीन अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

July 11, 2026
आटा चक्की, खाद की दुकान और क्लीनिक… इन्हीं से बना 1 लाख करोड़ का ग्लोबल इन्वेस्टर समिट ?

आटा चक्की, खाद की दुकान और क्लीनिक… इन्हीं से बना 1 लाख करोड़ का ग्लोबल इन्वेस्टर समिट ?

July 8, 2026
बदरीनाथ दान चोरी: सवालों के घेरे में मंदिर समीति के अध्यक्ष के फैसले ।

बदरीनाथ दान चोरी: सवालों के घेरे में मंदिर समीति के अध्यक्ष के फैसले ।

July 4, 2026
Next Post
बड़े स्तर पर IAS अफसरों का तबादला, देहरादून, हरिद्वार, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ के डीएम बदले गए

बड़े स्तर पर IAS अफसरों का तबादला, देहरादून, हरिद्वार, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ के डीएम बदले गए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook LinkedIn Twitter Youtube RSS
No Result
View All Result
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल

© 2022 Panchayat Reporter News Web Portal.