उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री का नाम श्री सतीश पोखरियाल महाराज है —कम से कम विधानसभा की वेबसाइट तो यही बताती है। असल में यहाँ पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की फोटो लगनी चाहिए थी।
इस जादूई वेबसाइट से मिलिए, जो मंत्रियों की पहचान एक क्लिक में बदल देती है।


दूसरा परिचय भी कम दिलचस्प नहीं है। यहाँ प्रेमचंद्र अग्रवाल का नाम तो लिखा है, लेकिन फोटो लगी है कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत की। और तीसरे स्थान पर धन सिंह रावत का परिचय दिया गया है, फोटो भी उन्हीं की है—लेकिन विभाग? वेबसाइट कहती है कि उन्हें स्वास्थ्य और सहकारिता विभाग नहीं दिए गए हैं। यानी इस वेबसाइट के अनुसार प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री है ही नहीं।
शिक्षा विभाग का हाल और मज़ेदार है। असल में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत हैं, लेकिन वेबसाइट के अनुसार शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और ‘प्रेमचंद्र अग्रवाल’ रूपी धन सिंह रावत दोनों को सौंपा गया है। साथ ही धन सिंह रावत को एक नया, अनसुना विभाग दे दिया गया है—‘सहयोग विभाग’।
अब आते हैं महिला सदस्यों वाले सेक्शन पर। नैनीताल की विधायक के नाम के आगे लिखा है रितु आर्य। फोटो देखकर राहत मिलती है, क्योंकि फोटो वास्तविक विधायक सरीता आर्य की है। नाम किसी और का, फोटो किसी और की।
यह सब तब हो रहा है जब पांचवी विधानसभा को अस्तित्व में आए चार साल से अधिक हो चुके हैं। इतनी महत्वपूर्ण वेबसाइट पर जानकारी इस स्तर की गलत हो—यह समझ से परे है।
यह भी सवाल खड़ा होता है कि आखिर विधानसभा सचिवालय और विधानसभा अध्यक्ष ने इस वेबसाइट पर अंतिम बार क्लिक कब किया होगा? क्योंकि साइट कम सूचनाएँ दे रही है और उत्तराखण्ड की जग-हंसाई अधिक करवा रही है।
अजीब बात ये भी है कि मंत्रियों के विभागों की सूची में एक नया और अनसुना विभाग भी नजर आया—‘चैरिटी विभाग’, जो सतपाल महाराज (जिन्हें वेबसाइट ‘सतीश पोखरियाल महराज’ कह रही है) के नाम के सामने दर्ज है।
कुल मिलाकर, यह वेबसाइट राज्य के सबसे महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों का परिचय देने की जगह उल्टा भ्रम फैलाने में लग गई है।
शोध का विषय केवल इतना है—आखिर इस वेबसाइट को अपडेट करने वाले व्यक्ति ने यह कारनामा किस हालत में किया?
पर्यटन मंत्री का नाम
श्री सतीश पौखरियाल महाराज
श्री सतपाल महाराज
नाम की गलती
सतपाल महाराज के विभाग में
‘चैरिटी विभाग’ नामक नया विभाग
पर्यटन, लोक निर्माण विभाग, आदि
विभाग की गलती
प्रेमचंद अग्रवाल की जानकारी
नाम सही, लेकिन फोटो धन सिंह रावत की लगी है।
प्रेमचंद अग्रवाल (पूर्व मंत्री)
फोटो का गलत इस्तेमाल और मंत्री का पद छोड़ देना।
धन सिंह रावत की जानकारी
विभागों के कॉलम से स्वास्थ्य और सहकारिता विभाग नदारद।
स्वास्थ्य, सहकारिता, उच्च शिक्षा, आदि
विभागों का गलत बंटवारा। वेबसाइट के अनुसार प्रदेश में कोई स्वास्थ्य मंत्री नहीं है।
शिक्षा विभाग का आवंटन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और धन सिंह रावत (जिनकी फोटो प्रेमचंद अग्रवाल के नाम के साथ है) को।
धन सिंह रावत को उच्च शिक्षा विभाग।
तीन शिक्षा मंत्री होने का भ्रम पैदा करना।
धन सिंह रावत को नया विभाग
‘सहयोग विभाग’
गलत विभाग का नाम।






