उत्तराखंड शासन के सिंचाई अनुभाग-1 द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, रवि प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता (सिंचाई विभाग), को उनके वर्तमान कार्य से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।


रवि प्रताप सिंह को पूर्व में ग्रामीण विकास अनुभाग -1 में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था, लेकिन उन्होंने मूल विभाग (सिंचाई विभाग) में जॉइन नहीं किया। इसके बावजूद उन्हें बार-बार निर्देशित किया गया था कि वे योगदान दें, किन्तु उनके द्वारा किसी भी निर्देश का पालन नहीं किया गया। उनके इस आचरण को अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता की श्रेणी में रखते हुए, शासन द्वारा यह कार्यवाही की गई है।

शासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 2002 के नियम-3(1) व 3(2) के अंतर्गत लिया गया है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि कार्य से हटाए जाने की अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा, लेकिन अन्य भत्ते नहीं दिए जाएंगे।
अब रवि प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से मुख्य अभियंता कार्यालय, देहरादून से संबद्ध किया गया है।







