बद्रीनाथ। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आरोपी बनाए गए प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने जांच समिति के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त और बद्रीनाथ जांच समिति के अध्यक्ष को दिए गए लिखित बयान में उन्होंने अपने पति को झूठे मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाया है। साथ ही मामले में बरामदगी, पुलिस की कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और उनके पति को बद्रीनाथ भेजे जाने को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने अपने बयान में कहा है कि उनके पति के खिलाफ साजिश के तहत मामला बनाया गया है और वह इस तरह का काम कर ही नहीं सकते। उन्होंने अपने परिवार की पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा कि उनके ससुर स्वर्गीय गोवर्धन प्रसाद नौटियाल पंजाब के एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर रहे हैं। परिवार के अन्य सदस्यों का भी चिकित्सा, न्यायपालिका, प्रशासन और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़ाव रहा है।
‘बरामदगी दिखाई गई, लेकिन सामान कमरे में था ही नहीं’
पत्नी ने जांच समिति के सामने सबसे बड़ा सवाल कथित बरामदगी को लेकर उठाया है। उनके मुताबिक बद्रीनाथ के नीलकंठ धर्मशाला स्थित कमरे में पुलिस ने जिस सामान की बरामदगी दिखाई, वह वहां था ही नहीं। उनका कहना है कि यह पता लगाने के लिए रजिस्टर और पुलिस रिकॉर्ड को देखा जाना चाहिए कि तलाशी के दिन तक कमरे में कौन-कौन से यात्री ठहरे हुए थे।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पुलिस ने समिति के अधिकारियों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की या समिति के अधिकारियों की ओर से ही कथित तौर पर नकदी और अन्य सामान को कमरे में रखा गया था। उनके अनुसार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
‘हमारी संपत्ति का पूरा विवरण जांच अधिकारी को दिया गया’
प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने अपने बयान में परिवार की संपत्तियों का विवरण भी जांच अधिकारी को दिए जाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि उनके ससुर के नाम पर बदरीपुर में जमीन थी, जिसे करीब 60 लाख रुपये में बेचकर जोशीमठ के पास करीब 60 लाख रुपये में दो प्लॉट खरीदे गए। इसके अलावा रायपुर के पास करीब पांच लाख रुपये की जमीन खरीदने और बैंक ऋण से संबंधित जानकारी भी जांच के दायरे में होने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और जांच अधिकारी के सामने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
‘सीसीटीवी में रुपये निकालते नहीं दिखे’
बयान में सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी सवाल उठाया गया है। पत्नी का कहना है कि सीसीटीवी में उनके पति द्वारा कोई रुपये निकालते हुए दिखाई नहीं देते। उनका दावा है कि रुपये और सोने आदि के अलावा अन्य सामग्री को अलग-अलग करने की संभावना हो सकती है, लेकिन कैमरे में उनके पति द्वारा कथित तौर पर रुपये निकालने का कोई दृश्य नहीं है।
उन्होंने जांच समिति से सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कराने की मांग की है।
‘प्रमोद को पहली बार बद्रीनाथ क्यों भेजा गया?’
पत्नी ने अपने बयान में यह भी सवाल उठाया कि उनके पति को पहली बार बद्रीनाथ क्यों भेजा गया। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले उनके पति हमेशा देहरादून में ही रहे और उन्हें बद्रीनाथ भेजने से पहले प्रोटोकॉल अधिकारी का प्रभारी बनाया गया।
उनका आरोप है कि कुछ कर्मचारियों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि उनके पति को प्रोटोकॉल अधिकारी बनाया गया और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। इसी नाराजगी के चलते साजिश रचे जाने का आरोप उन्होंने लगाया है।
थाली भेंट में नाम शामिल किए जाने पर भी सवाल
बयान में एक अन्य महत्वपूर्ण आरोप यह है कि बद्रीनाथ में थाली भेंट के दौरान छह लोगों के साथ प्रमोद नौटियाल का नाम भी डाल दिया गया। पत्नी ने सवाल उठाया कि यदि उस समय किसी व्यक्ति ने कोई सामान या रुपये चोरी करते हुए देखा था तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस चौकी में क्यों नहीं दी गई और रजुलाई सेफ तक तलाशी क्यों नहीं ली गई।
उनका कहना है कि यदि पुलिस ने बाद में प्रमोद को देहरादून से गिरफ्तार कर बद्रीनाथ लाया था, तो जिस कमरे से कथित बरामदगी दिखाई गई, उसकी तत्काल तलाशी क्यों नहीं ली गई।
घर से शालिग्राम ले जाने और पुलिस कार्रवाई पर भी आरोप
प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने आरोप लगाया कि 22 जुलाई को रात करीब 10 बजे पुलिस सादे कपड़ों में उनके घर में दाखिल हुई। उनके मुताबिक पुलिस उनके घर की पूजा से शालिग्राम अपने साथ ले गई और बाद में इसे उनके पति से बरामद होना बताया गया।
उन्होंने आगे दावा किया कि पुलिस ने प्रमोद को बयान के लिए चौकी ले जाने की बात कही थी, लेकिन जब परिवार के लोग चौकी पहुंचे तो उन्हें गुमराह किया गया। इसके बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने के प्रयास और पुलिस की ओर से प्रमोद को बद्रीनाथ ले जाने की जानकारी दिए जाने की बात भी उन्होंने अपने बयान में कही है।
‘कर्मचारियों की नाराजगी का नतीजा है पूरा मामला’
प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने जांच समिति के सामने पूरे घटनाक्रम को कर्मचारियों की नाराजगी से जोड़ते हुए साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके पति को प्रोटोकॉल अधिकारी बनाए जाने और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने से कुछ कर्मचारी नाराज थे। उनके अनुसार इसी वजह से उन्हें बद्रीनाथ भेजकर कई पद और जिम्मेदारियां दिए जाने की चर्चा कर्मचारियों के बीच थी।
हालांकि, ये सभी आरोप प्रमोद नौटियाल की पत्नी की ओर से जांच समिति को दिए गए बयान में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच समिति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि बद्रीनाथ में कथित चढ़ावा चोरी की घटना में बरामदगी वास्तव में कैसे हुई, सीसीटीवी फुटेज क्या कहता है, पुलिस की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप थी या नहीं और प्रमोद नौटियाल के खिलाफ लगाए गए आरोपों के पीछे कोई व्यक्तिगत या विभागीय विवाद था या नहीं।
जांच समिति की रिपोर्ट इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट कर सकती है।






