• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Panchayat Reporter News Web Portal
Advertisement
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल
No Result
View All Result
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल
No Result
View All Result
Panchayat Reporter News Web Portal
No Result
View All Result
Home उत्तराखंड

प्रशासनिक चाबुक, अभियंताओं के तबादले और अवैध निर्माणों पर नकेल: टिहरी में ‘डीपी सिंह मॉडल’ का असर

Panchayat Reporter by Panchayat Reporter
October 18, 2026
in उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर
0
प्रशासनिक चाबुक, अभियंताओं के तबादले और अवैध निर्माणों पर नकेल: टिहरी में ‘डीपी सिंह मॉडल’ का असर
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

किसी भी विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में जब तक अनुशासन, कड़ा प्रशासनिक नियंत्रण और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक विकास की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाती हैं। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण टिहरी (TDDA) में पिछले कुछ समय से जिस तरह का प्रशासनिक फेरबदल और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख देखने को मिल रहा है, उसने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व के पास इच्छाशक्ति हो तो दशकों पुरानी अव्यवस्थाओं को भी बदला जा सकता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डी. पी. सिंह (दिनेश प्रताप सिंह) द्वारा अपनाई गई प्रभावी रणनीति और कड़े फैसलों से आज टिहरी में प्राधिकरण की एक नई और पारदर्शी तस्वीर उभरकर सामने आ रही है।

​लंबे समय से जमे अभियंताओं के कार्यक्षेत्र बदले, पारदर्शी जवाबदेही तय

​अवैध निर्माणों पर रोक लगाने की अपनी रणनीति के तहत उपाध्यक्ष डी. पी. सिंह ने सबसे पहला और बड़ा प्रहार उस अंदरूनी तंत्र पर किया जो वर्षों से एक ही स्थान पर टिककर यथास्थिति बनाए हुए था। नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए प्राधिकरण में लंबे समय से तैनात अवर अभियंताओं (Junior Engineers) और सहायक अभियंताओं (Assistant Engineers) के दायित्वों और क्षेत्रों में तत्काल फेरबदल कर दिया गया। जिन अभियंताओं की शिथिलता या कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, उनके क्षेत्रों को बदलकर स्पष्ट संदेश दिया गया कि लापरवाही अब कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
​इस फेरबदल का सीधा और प्रत्यक्ष असर धरातल पर दिखने लगा है—जहाँ कहीं भी अवैध या बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य चल रहे थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया गया है।

​सख्त चेतावनी: “सीलिंग के बाद निर्माण हुआ तो चलेगा बुलडोजर, ध्वस्तीकरण तय”

​उपाध्यक्ष ने फील्ड अधिकारियों और अभियंताओं की बैठक लेकर दो टूक शब्दों में निर्देश जारी किए हैं:
​अवैध निर्माण पर बख्शे नहीं जाएंगे अधिकारी: यदि किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण की शिकायत मिलती है या बिना नक्शा पास कराए निर्माण होता पाया जाता है, तो संबंधित अवर एवं सहायक अभियंता की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।

​सीलिंग के बाद काम हुआ तो ध्वस्तीकरण: उपाध्यक्ष ने स्पष्ट हिदायत दी है कि जिन भवनों को अवैध घोषित कर सील कर दिया गया है, यदि सीलिंग के बावजूद उनमें किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य होता पाया गया, तो प्राधिकरण सीधे ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई करेगा।

​सैकड़ों नोटिस जारी: प्राधिकरण द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब तक सैकड़ों कारण बताओ और रोक संबंधी नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिससे भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप व्याप्त है।
​धरातल पर निगरानी: क्षेत्रों में मुस्तैद हुए अभियंता
​कागजी कार्रवाइयों से आगे बढ़ते हुए अब प्राधिकरण के सहायक व अवर अभियंता खुद क्षेत्रों में जाकर लगातार गश्त कर रहे हैं और अवैध निर्माणों की सख्त निगरानी कर रहे हैं। इस ज़मीनी मुस्तैदी का ही नतीजा है कि टिहरी झील और आसपास के विनियमित क्षेत्रों में अनियंत्रित और अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक लगी है।
​सुव्यवस्थित और नियोजित टिहरी का नया अध्याय
​पर्यटन और विकास की दृष्टि से टिहरी उत्तराखंड का अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहाँ बिना योजना और अवैध रूप से होने वाले निर्माण न केवल पर्यावरण और सौंदर्य के लिए खतरा हैं, बल्कि भविष्य के सुनियोजित विकास में भी बड़ी बाधा हैं। ऐसे में उपाध्यक्ष डी. पी. सिंह द्वारा प्रशासनिक कसावट, अभियंताओं की जवाबदेही तय करने और सीलिंग/ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाइयों ने प्राधिकरण की साख को पुनर्जीवित किया है।
​यह प्रशासनिक बदलाव इस बात का प्रमाण है कि जब नियम-कानून को बिना किसी दबाव के निष्पक्षता से लागू किया जाता है, तो भ्रष्टाचार और मनमानी पर लगाम अपने आप लग जाती है। उम्मीद की जानी चाहिए कि अनुशासन और सख्त निगरानी का यह ‘डीपी सिंह मॉडल’ टिहरी को एक स्वच्छ, सुंदर और सुनियोजित विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

Previous Post

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को दी लगभग 96 करोड़ रुपये की 16 विकास योजनाओं की सौगात

Panchayat Reporter

Panchayat Reporter

Related Posts

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को दी लगभग 96 करोड़ रुपये की 16 विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को दी लगभग 96 करोड़ रुपये की 16 विकास योजनाओं की सौगात

October 18, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने की शिष्टाचार भेंट,उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने की शिष्टाचार भेंट,उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर हुई चर्चा

October 18, 2026
उत्तराखण्ड की CMSSY योजना का अध्ययन करने पहुंची उत्तर प्रदेश की टीम,मुख्यमंत्री  श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनी दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा, उत्तर प्रदेश की टीम ने समझा उत्तराखण्ड का मॉडल

उत्तराखण्ड की CMSSY योजना का अध्ययन करने पहुंची उत्तर प्रदेश की टीम,मुख्यमंत्री  श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनी दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा, उत्तर प्रदेश की टीम ने समझा उत्तराखण्ड का मॉडल

October 17, 2026

October 17, 2026
उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार हो राज्य का स्किल डेवलपमेंट प्लानः मुख्य सचिव

उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार हो राज्य का स्किल डेवलपमेंट प्लानः मुख्य सचिव

October 16, 2026
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास

सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास

October 16, 2026
Facebook LinkedIn Twitter Youtube RSS
No Result
View All Result
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल

© 2022 Panchayat Reporter News Web Portal.