• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Panchayat Reporter News Web Portal
Advertisement
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल
No Result
View All Result
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल
No Result
View All Result
Panchayat Reporter News Web Portal
No Result
View All Result
Home Uttarakhand

क्या मोदी-शाह के कार्यक्रमों में सरकारी संसाधनों का मनमाना इस्तेमाल हुआ? भुगतान ना होने पर उठे सवाल

Panchayat Reporter by Panchayat Reporter
August 5, 2026
in Uttarakhand, उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर, स्पेशल
0
क्या मोदी-शाह के कार्यक्रमों में सरकारी संसाधनों का मनमाना इस्तेमाल हुआ? भुगतान ना होने पर उठे सवाल
0
SHARES
12
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

देहरादून। उत्तराखंड सरकार के वीआईपी कार्यक्रमों की चमक-दमक के पीछे रोडवेज कर्मचारियों की बदहाली की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। दस्तावेज़ बताते हैं कि केंद्र सरकार के दो बड़े सरकारी कार्यक्रमों के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की सैकड़ों बसों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन उनका भुगतान समय पर नहीं हुआ। परिणाम यह हुआ कि पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहा रोडवेज अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पाया।

 

दस्तावेज़ों के अनुसार 7 मार्च 2026 को आयोजित “जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी के दौरान 299 रोडवेज बसें लगाई गईं। इनके बदले ₹1,44,02,431 का भुगतान लंबित रहा।
इसके बाद 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के लिए 255 बसें उपलब्ध कराई गईं। इस कार्यक्रम का भी ₹1,38,18,460 का भुगतान अटक गया।
दोनों कार्यक्रमों का कुल बकाया ₹2,82,20,891 बैठता है।

 


फाइलें घूमती रहीं, पैसा नहीं आया
दस्तावेज़ बताते हैं कि पहले संभागीय परिवहन अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजा।
मुख्य विकास अधिकारी ने 16 मई को प्रोटोकॉल विभाग को भुगतान की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
इसके बाद रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 16 जून को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि निगम गहरे आर्थिक संकट में है।
19 जून को जिला प्रशासन ने पूरा मामला शासन के प्रोटोकॉल विभाग को भेज दिया और मार्गदर्शन मांगा।
लेकिन 7 जुलाई 2026 को शासन के अनु सचिव ने फाइल वापस करते हुए साफ लिखा कि उत्तराखंड राज्य अतिथि नियमावली (संशोधित), 2024 में इस तरह का भुगतान कवर नहीं होता, इसलिए प्रस्ताव वापस किया जा रहा है।
यानी लगभग चार महीने तक सरकारी दफ्तरों में फाइलें घूमती रहीं, लेकिन भुगतान का रास्ता नहीं निकल पाया।
सबसे बड़ा सवाल
सबसे गंभीर तथ्य यह है कि रोडवेज कर्मचारी संगठन ने अपने पत्र में लिखा है कि निगम के कर्मचारियों को अप्रैल 2025 से वेतन नहीं मिला तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये भी लंबित हैं। संगठन का कहना है कि डीजल, लुब्रिकेंट, स्पेयर पार्ट्स जैसे आवश्यक खर्च उठाना भी मुश्किल हो गया है।
यानी सरकार ने अपने कार्यक्रमों के लिए बसें तो ले लीं, लेकिन भुगतान समय पर नहीं किया। इसका असर सीधे उन कर्मचारियों पर पड़ा, जिनकी मेहनत से ये कार्यक्रम सफल हुए।
सरकार से उठते सवाल
जब बसें प्रशासन की मांग पर ली गई थीं, तो भुगतान की व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई?
यदि राज्य अतिथि नियमावली में ऐसा प्रावधान नहीं था, तो कार्यक्रम आयोजित करने से पहले वित्तीय स्वीकृति क्यों नहीं ली गई?
चार महीने तक अलग-अलग विभागों में फाइल घूमती रही, इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
क्या सरकारी कार्यक्रमों का बोझ पहले से घाटे में चल रहे रोडवेज पर डालना उचित है?
यदि सरकार अपने ही निगम का समय पर भुगतान नहीं कर सकती, तो कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों के बकाये की जिम्मेदारी कौन लेगा?
निष्कर्ष
ये दस्तावेज़ केवल भुगतान लंबित होने की कहानी नहीं बताते, बल्कि प्रशासनिक समन्वय की गंभीर कमी को भी उजागर करते हैं। सरकारी कार्यक्रम पूरे हो गए, मंच सज गए, वीआईपी आ-जा गए, लेकिन जिन बसों ने भीड़ ढोई और जिन कर्मचारियों ने व्यवस्था संभाली, उन्हें उसका भुगतान समय पर नहीं मिला। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस लापरवाही की जवाबदेही आखिर तय किसकी होगी?

Previous Post

पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन,मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा शिविर का किया शुभारंभ, श्रद्धालुओं को अपने हाथों से परोसा भोजन

Next Post

​देहरादून में 11 अगस्त को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला, 559 पदों पर होगी भर्ती

Panchayat Reporter

Panchayat Reporter

Related Posts

प्रशासनिक चाबुक, अभियंताओं के तबादले और अवैध निर्माणों पर नकेल: टिहरी में ‘डीपी सिंह मॉडल’ का असर

प्रशासनिक चाबुक, अभियंताओं के तबादले और अवैध निर्माणों पर नकेल: टिहरी में ‘डीपी सिंह मॉडल’ का असर

October 18, 2026
मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को दी लगभग 96 करोड़ रुपये की 16 विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को दी लगभग 96 करोड़ रुपये की 16 विकास योजनाओं की सौगात

October 18, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने की शिष्टाचार भेंट,उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने की शिष्टाचार भेंट,उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर हुई चर्चा

October 18, 2026
उत्तराखण्ड की CMSSY योजना का अध्ययन करने पहुंची उत्तर प्रदेश की टीम,मुख्यमंत्री  श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनी दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा, उत्तर प्रदेश की टीम ने समझा उत्तराखण्ड का मॉडल

उत्तराखण्ड की CMSSY योजना का अध्ययन करने पहुंची उत्तर प्रदेश की टीम,मुख्यमंत्री  श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनी दूसरे राज्यों के लिए प्रेरणा, उत्तर प्रदेश की टीम ने समझा उत्तराखण्ड का मॉडल

October 17, 2026

October 17, 2026
उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार हो राज्य का स्किल डेवलपमेंट प्लानः मुख्य सचिव

उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार हो राज्य का स्किल डेवलपमेंट प्लानः मुख्य सचिव

October 16, 2026
Next Post
​देहरादून में 11 अगस्त को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला, 559 पदों पर होगी भर्ती

​देहरादून में 11 अगस्त को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला, 559 पदों पर होगी भर्ती

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook LinkedIn Twitter Youtube RSS
No Result
View All Result
  • होम
  • आपका गांव
  • हैलो पंचायत
  • स्पेशल
  • हाल फिलहाल
  • खेती बाड़ी
  • पंचायत ज्ञान
  • राजनीति
  • पोल पट्टी
  • मिसाल

© 2022 Panchayat Reporter News Web Portal.