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Home उत्तराखंड

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

Panchayat Reporter by Panchayat Reporter
April 20, 2026
in उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर
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मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय, चौरास परिसर, टिहरी में भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज के समापन समारोह में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सूर्य देवभूमि चैलेंज में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ देशभर से आए लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा हाई एल्टीट्यूड मैराथन में भाग लेने वाले लोगों ने केदार-बद्री ट्रेल में हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल होते हुए उखीमठ तक 113 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण यात्रा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा सभी प्रतिभागियों ने अपने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट परिचय दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभागियों ने साहसिक प्रतियोगिता के साथ बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ने वाले ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्ग की भी यात्रा की है। उन्होंने कहा सेना, देश की सीमाओं की रक्षा के साथ समाज और युवाओं को प्रेरित करने वाले ऐसे आयोजनों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं के भीतर अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि ये आयोजन समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सहायक सिद्ध होने के साथ सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत का युवा आत्मविश्वास से परिपूर्ण है, सीमांत क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और साहसिक खेलों तथा पर्यटन के क्षेत्र में हमारा देश वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत हमारे सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में भी अभूतपर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष अपने हर्षिल-मुखबा में शीतकालीन प्रवास के दौरान कई साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया था। राज्य सरकार, राज्य में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में एंगलिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, साइक्लिंग और माउंटेनियरिंग जैसी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा औली की बर्फीली ढलानों से लेकर ऋषिकेश में तेज गति से बहने वाली गंगा नदी की धारा तक, मुनस्यारी की ऊँचाइयों से लेकर टिहरी झील के विशाल विस्तार तक उत्तराखण्ड का प्रत्येक क्षेत्र साहसिक पर्यटन का एक सशक्त और जीवंत केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे न केवल सीमांत क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक विकास को भी नई मजबूती मिली है ।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने माणा जैसे दूरस्थ और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र का दौरा कर सीमान्त क्षेत्रों के महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का भी कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों और विजेताओं का आभार व्यक्त किया कर, सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर मेजर  पुष्पेंद्र सिंह गढ़वाल स्काउट ने बताया कि यह प्रतियोगिता सीमांत ग्रामीण क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना व पारम्परिक यात्रा मार्गो को पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया। जिसके तहत 113 किलोमीटर लंबी इस कठिन प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को दुर्गम पहाड़ी मार्गों से गुजरते हुए विभिन्न चरणों में अपनी शारीरिक क्षमता, धैर्य और कौशल का प्रदर्शन करना पड़ा। कार्यक्रम की शुरुआत 16 अप्रैल को बद्रीनाथ में आयोजित एक्सपो के साथ हुई। इसके बाद 17 अप्रैल को हेलंग से कलगोट, 18 अप्रैल को कलगोट से मंडल और 19 अप्रैल को मंडल से उखीमठ तक मैराथन चरण आयोजित किए गए।

 

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